MPTET Syllabus 2023 In Hindi: MPTET सिलेबस की सम्पूर्ण जानकारी

MPTET Syllabus 2023 In Hindi : मध्यप्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा में लाखों अभ्यर्थियों द्वारा भाग लिया जाता है, यह एक प्रकार का क्वालिफाइंग पेपर है, यदि आप इस परीक्षा में पास नहीं होते हैं तो, मध्यप्रदेश शिक्षक से संबंधित किसी भी प्रकार की भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते हैं।

मैं आपको MPTET Syllabus 2023 In Hindi और MPTET Exam Pattern के बारे में विस्तृत रूप से बताऊंगा, जिसका अध्ययन कर आप मध्यप्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त कर, अगले चरण के लिए क्वालिफाई हो सकते हैं, नीचे सिलेबस के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया है।

MPTET Syllabus 2023 से संबंधित संक्षिप्त विवरण

परीक्षा का नाममध्यप्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET)
परीक्षा बोर्ड का नामMadhya Pradesh Professional Examination Board (MPPEB)
आवेदन की प्रक्रियाऑनलाइन
परीक्षा की भाषाहिंदी और अंग्रेजी (द्विभाषी)
लेख का नामMPTET Syllabus In Hindi
आधिकारिक वेबसाइटhttp://peb.mp.gov.in

MPTET Exam Pattern

एमपीटेट परीक्षा पैटर्न निम्न है-

  • यह परीक्षा ऑफलाइन के माध्यम द्वारा कराई जाएगी।
  • इस परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे।
  • प्रश्न पत्र द्विभाषी यानी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगा।
  • इस परीक्षा में कुल 150 प्रश्न 150 अंकों के लिए पूछे जाएंगे।
  • इसके लिए आपको कुल 2 घंटे 30 मिनट यानी कि 150 मिनट का समय प्रदान किया जाएगा।
  • इस परीक्षा में किसी भी प्रकार के नकारात्मक अंकन का प्रावधान नहीं है।

आइए सारणी के अनुसार इसे समझने का प्रयास करते हैं –

MPTET Notification 2023 जारी होने की तिथिअघोषित
MPTET Application Form 2023 शुरू होने की तिथिअघोषित
ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथिअघोषित
ई-चालान के माध्यम से शुल्क जमा करने की अंतिम तिथिअघोषित
ऑनलाइन करेक्शन करने की तिथिअघोषित
एमपीटीईटी प्री एडमिट कार्ड 2023अघोषित
MPTET Admit Card 2023 जारी होने की तिथिअघोषित
MPTET Exam Date 2023अघोषित
MPTET Answer Keyअघोषित
MPTET Resultअघोषित

MPTET Syllabus In Hindi

नीचे मैं आपको MPTET Syllabus In Hindi के बारे में विस्तृत रूप से बताऊंगा, जिसका अध्ययन कर आप परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के साथ-साथ बेहतर अंक भी प्राप्त कर सकते हैं, यदि आपको MPTET Syllabus Hindi में किसी भी प्रकार की असमनजसता है तो आप इसे पूरा पढ़े-

प्रश्नों की प्रकृति एवं स्तर (Nature and Standard of Questions) निम्नानुसार होगा –

  • बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के प्रश्न 6 – 11 वर्ष आयु समूह के शिक्षण एवं सीखने के शैक्षिक मनोविज्ञान पर आधारित होंगे, जो विशिष्टताओं की समझ, आवश्यकता, विभिन्न प्रकार के शिक्षार्थियों का मनोविज्ञान, शिक्षार्थी के साथ संवाद और सिखाने हेतु अच्छे फेसिलिटेटर की विशेषताएं एवं गुणों पर आधारित होंगे।
  • भाषा – 1 के प्रश्न आवेदन पत्र में चुनी गई भाषा के माध्यम में प्रवाहिता (Proficiency) पर आधारित होंगे।
  • भाषा 2, भाषा-1 से पृथक होगी। आवेदक आवेदन पत्र में हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत व उर्दू में से कोई भी भाषा चुन सकेंगे और आवेदन पत्र में चुनी गई भाषा के प्रश्न ही हल कर सकेंगे। भाषा-2 के प्रश्न भाषा के तत्व, संप्रेषण और समझने की क्षमताओं पर आधारित होंगे।
  • गणित एवं पर्यावरण अध्ययन के प्रश्न विषय की अवधारणा, समस्या समाधान और पैड़ागाँजी की समझ पर आधारित होंगे।

नोट – प्रश्न पत्र में प्रश्न म.प्र. राज्य के कक्षा 1 से 5 के प्रचलित पाठ्यक्रम / पाठ्यपुस्तकों के टॉपिक्स पर आधारित होंगे, लेकिन इनका कठिनाई स्तर एवं सम्बद्धता हाईस्कूल स्तर तक की हो सकती है।

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र – 30 प्रश्न

बाल विकास – 15 प्रश्न

  • बाल विकास की अवधारणा एवं इसका अधिगम से संबंध ।
  • विकास और विकास को प्रभावित करने वाले कारक
  • बाल विकास के सिद्धांत।
  • बालकों का मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यवहार संबंधी समस्याएं।
  • वंशानुक्रम एवं वातावरण का प्रभाव।
  • समाजीकरण प्रक्रियाएं : सामाजिक जगत एवं बच्चे (शिक्षक, अभिभावक, साथी)
  • पियाजे, पावलव, कोहलर और थार्नडाइक: रचना एवं आलोचनात्मक स्वरूप।
  • बाल केन्द्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणा ।
  • बुद्धि की रचना का आलोचनात्मक स्वरूप और उसका मापन, बहुआयामी बुद्धि।
  • व्यक्तित्व और उसका मापन।
  • भाषा और विचार।
  • सामाजिक निर्माण के रूप में जेंडर, जेंडर की भूमिका, लिंगभेद और शैक्षिक प्रथाएं।
  • अधिगम कर्त्ताओं में व्यक्तिगत भिन्नताएं, भाषा, जाति, लिंग, संप्रदाय, धर्म आदि की विषमताओं पर आधारित भिन्नताओं की समझ।
  • अधिगम के लिए आंकलन और अधिगम का आंकलन में अंतर, शाला आधारित आंकलन, सतत एवं समग्र मूल्यांकन: स्वरूप और प्रथाएं (मान्यताएं )
  • अधिगमकर्त्ताओं की तैयारी के स्तर के आंकलन हेतु उपयुक्त प्रश्नों का निर्माण, कक्षाकक्ष में अधिगम को बढ़ाने आलोचनात्मक चिंतन तथा अधिगमकर्त्ता की उपलब्धि के आंकलन के लिए।

समावेशित शिक्षा की अवधारणा एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समझ – 5 प्रश्न

  • अलाभान्वित एवं वंचित वर्गों सहित विविध पृष्ठभूमियों के अधिगमकर्त्ताओं की पहचान ।
  • अधिगम कठिनाइयों, ‘क्षति’ आदि से ग्रस्त बच्चों की आवश्यकताओं की पहचान।
  • प्रतिभावान, सृजनात्मक, विशेष क्षमता वाले अधिगमकर्त्ताओं की पहचान।
  • समस्याग्रस्त बालकः पहचान एवं निदानात्मक पक्ष
  • बाल अपराधः कारण एवं प्रकार

अधिगम और शिक्षा शास्त्र (पेडागाजी) – 10 प्रश्न

  • बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं, बच्चे शाला प्रदर्शन में सफलता प्राप्त करने में क्यों और कैसे असफल होते हैं।
  • शिक्षण और अधिगम की मूलभूत प्रक्रियाएं, बच्चों के अधिगम की रणनीतियाँ, अधिगम एक सामाजिक प्रक्रिया के रूप में, अधिगम का सामाजिक संदर्भ।
  • समस्या समाधानकर्त्ता और वैज्ञानिक अन्वेषक के रूप में बच्चा ।
  • बच्चों में अधिगम की वैकल्पिक धारणाएं, बच्चों की त्रुटियों को अधिगम प्रक्रिया में सार्थक कड़ी के रूप में समझना |
  • अधिगम को प्रभावित करने वाले कारकः अवधान और रुचि
  • संज्ञान और संवेग अभिप्रेरणा और अधिगम
  • अधिगम में योगदान देने वाले कारक व्यक्तिगत और पर्यावरणीय
  • निर्देशन एवं परामर्श
  • अभिक्षमता और उसका मापन
  • स्मृति और विस्मृति

हिंदी भाषा – 30 प्रश्न

भाषायी समझ / अवबोध – 15 प्रश्न

भाषायी समझ / अवबोध के लिए दो अपठित दिए जाएं जिसमें एक गद्यांश (नाटक / एकांकी / घटना / निबंध / कहानी / आदि से) तथा दूसरा अपठित पद्य के रूप में हो, इस अपठित में से समझ / अवबोध, व्याख्या, व्याकरण एवं मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न किए जाएं। गद्यांश साहित्यिक / वैज्ञानिक / सामाजिक समरसता / तात्कालिक घटनाओं पर आधारित हो सकते हैं।

भाषायी विकास हेतु निर्धारित शिक्षा शास्त्र – 15 प्रश्न

  • भाषा सीखना और ग्रहणशीलता
  • भाषा शिक्षण के सिद्धान्त
  • भाषा शिक्षण में सुनने, बोलने की भूमिका, भाषा के कार्य, बच्चे भाषा का प्रयोग कैसे करते हैं।
  • मौखिक और लिखित अभिव्यक्ति अन्तर्गत भाषा सीखने में व्याकरण की भूमिका भाषा शिक्षण में विभिन्न स्तरों के बच्चों की चुनौतियाँ, कठिनाइयों, त्रुटियों एवं क्रमबद्धता
  • भाषा के चारों कौशल (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना) का मूल्यांकन
  • कक्षा में शिक्षण अधिगम सामग्री पाठ्यपुस्तक, दूरसंचार (दृश्य एवं श्रव्य) सामग्री, बहुकक्षा स्रोत
  • पुनः शिक्षण

अंग्रेजी भाषा (English Language) – 30 प्रश्न

Compréhension -15 Question

Two unseen prose passages (discursive or literary or narrative or scientific) with questions on comprehension, grammar and verbal ability.

Pedagogy of language development – 15 Questions

  • Learning and acquisition of language
  • Principles of second language teaching
  • Language skills-listening, speaking, reading, writing
  • Role of listening and speaking, function of language and how children use it as a tool
  • The role of grammar in learning a language for communicating ideas verbally and in written form
  • Challenges of teaching language in a diverse classroom, language difficulties
  • Teaching learning materials, text book, multi-media materials multi-lingual resource of the classroom
  • Evaluating language comprehension and proficiency: listening, speaking, reading and writing
  • Remedial teaching (Re- teaching )

संस्कृत भाषा ( Sanskrit Language) – 30 प्रश्न

भाषायी समझ / अवबोध – 15 प्रश्न

  • भाषायी समझ / अवबोध के लिए दो अपठित दिए जाएँ जिसमें एक गद्यांश (नाट्यांश / निबंध / कथा आदि से )
  • दूसरा अपठित पद्य के रूप में हो, इन अपठित में से समझ / अवबोध, व्याकरण एवं मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न किए जाएँ। गद्यांश साहित्यिक / सामाजिक समरसता/ तात्कालिक घटनाओं पर आधारित हो सकता हैं।

भाषायी विकास हेतु निर्धारित शिक्षा शास्त्र – 15 प्रश्न

  • भाषा सीखना और ग्रहणशीलता
  • भाषा शिक्षण के सिद्धान्त .
  • भाषा शिक्षण में सुनने, बोलने की भूमिका, भाषा के कार्य, बच्चे भाषा का प्रयोग कैसे करते हैं।
  • मौखिक और लिखित अभिव्यक्ति अन्तर्गत भाषा सीखने में व्याकरण की भूमिका
  • भाषा शिक्षण में विभिन्न स्तरों के बच्चों की चुनौतियों, कठिनाइयों, त्रुटियाँ एवं क्रमबद्धता
  • भाषा के चारों कौशल (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना) का मूल्यांकन कक्षा में शिक्षण अधिगम सामग्री, पाठ्यपुस्तक, दूरसंचार (दृश्य एवं श्रव्य) सामग्री, बहुकक्षा स्रोत |
  • पुनः शिक्षण

उर्दू भाषा (Urdu Language) – 30 प्रश्न

जामे सलाहियत पर मबनी सवालात – 15 सवालात

  • दो गेर दरसी इक्तिवासात (मालूमाती/अदवी/बयानिया / साइंसी)
  • सलाहियत पर मवनी सवालात कवायद, और ज़बानी सलाहियत पर मबनी सवालात ।

ज़बान के नशवोनुमा और तदरीसी तरीके – 15 सवालात

  • सीखना और यादरखना। ज़बान की तदरीस के असूल।
  • ज़बान में सुनने और बोलने की एहमियत, ज़बान का काम और बच्चों के जरिए जुबान की महारतों का इस्तेमाल।
  • ज़बान सीखने और खयालात का ज़बानी और तहरीरी इज़हार करने में कवायद (ग्रामर) के रोल का तनकीदी जायज़ा।
  • क्लास रूम में मुखतलिफ तालीमी इस्तेदाद वाले बच्चों की जवान की मुश्किलात, गल्तियों और बेतरतीबियों के चैलेंज को कुबूल करते हुए ज़बान पढ़ाना।
  • ज़बान की महारतें।
  • ज़बान की सलाहियत और ज़बान पर उबूर के तजज़िए के लिए बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना ।
  • तालीमी इम्दादी अशिया ( TLM) दरसी कुतुब और मल्टी मीडिया मेटीरियल, क्लास रूम में मुहैया
  • मुखतलिफ जवानों का मवाद ।
  • तदारकी तदरीस |

निसाबी मोज़ूआत

  • असनाफे नत्र – कहानी, मालूमाती मज़ामीन, ड्रामा, मकालमा
  • असनाफे नज़्म – नज़्म, गीत
  • ग्रामर -इस्म, ज़मीर, फ़ेअल, सिफ़त, मेय क़िस्में जिंस, ज़माना, जुम्ले व मुहावरे, वाहिदजमा, मुज़क्कर, मोअन्नस, तज़ाद, नज्म गीत वगेरह की तारीफ
  • ख़तूत और दरख़्वास्त नवीसी
  • गैर दरसी इक्तिबास
  • मज़मून नवीसी

गणित (Math) – 30 प्रश्न

  • संख्या पद्धति – 1000 से बड़ी संख्याओ को पढ़ना और लिखना 1000 से बड़ी संख्याओ पर स्थानीय मान की समझ व चार मूलभूत संक्रियाएं।
  • जोड़ना व घटाना – 5 अंकों तक की संख्याओं का जोड़ना और घटाना
  • गुणा – 2 या 3 अंको की संख्याओं का गुणा करना
  • भाग- दो अंको वाली संख्या से चार अंको वाली संख्या में भाग देना।
  • भिन्न – भिन्न की अवधारणा, सरलतम रूप,समभिन्न, विषम भिन्न आदि भिन्नो का जोड़ना घटाना गुणा व भाग समतुल्य भिन्न , भिन्न को दशमलव मे तथा दशमलव संख्या को भिन्न में लिखना।
  • सामान्यतः प्रयोग होने वाली लंबाई, भार, आयतन की बड़ी व छोटी इकाई में संबंध।
  • बड़ी इकाइयों को छोटी इकाई में तथा छोटी इकाइयों को बड़ी इकाइयों में बदलना।
  • ज्ञात इकाईयों में किसी ठोस वस्तु का आयतन ज्ञात करना।
  • पैसा, लंबाई, भार, आयतन तथा समय अंतराल से संबंधित प्रश्नों में चार मूल गणितीय संक्रियाएं का उपयोग करना।
  • मीटर को सेंटीमीटर और सेंटीमीटर को मीटर में बदलना।
  • पैटर्न- संख्याओं से संबंधित पैटर्न को समझ आगे बढ़ना, पैटर्न तैयार कर उसकी संक्रियाओं के आधार पर सामान्यीकरण त्रिभुजीय संख्याओं तथा वर्ग संख्याओं के पैटर्न पहचानना।
  • ज्यामिति- मूल ज्यामितीय अवधारणाएं, किरण, रेखाखंड (कोणों का वर्गीकरण) त्रिभुज (त्रिभुजों का वर्गीकरण) – ( 1. भुजाओं के आधार पर 2. कोणों के आधार पर ) त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180 अंश होता है।
  • वृत्त के केंद्र, त्रिज्या तथा व्यास की पहचान और समाझ।
  • वृत्त, त्रिज्या व व्यास में परस्पर संबंध, सममित आकृति, परिवेश आधार पर समानांतर रेखा वह लंबवत रेखा की समझ।
  • सरल ज्यामितीय आकृतियों (त्रिभुज, आयत, वर्ग) का क्षेत्रफल तथा परिमाप दी गई आकृति को इकाई मानकर ज्ञात करना।
  • परिवेश की 2D आकृतियों की पहचान।
  • दैनिक जीवन से संबंधित विभिन्न आंकड़ों को एकत्र करना।
  • घड़ी के समय को घंटे तथा मिनट में ज्ञात करना तथा AM और PM के रूप में व्यक्त करना।
  • 24 घंटे की घड़ी का 12 घंटे की घड़ी से संबंध।
  • दैनिक जीवन की घटनाओं में लगने वाले समय अंतराल की गणना।
  • गुणा तथा भाग में पैटर्न की पहचान।
  • समिति पर आधारित ज्यामिति पैटर्न।
  • दंड आलेख के माध्यम से प्रदर्शित कर उससे निष्कर्ष निकालना।

पेडागाँजिकल मुद्दे – 15 प्रश्न

  • गणित शिक्षण द्वारा चिंतन एवं तर्कशक्ति का विकास करना।
  • पाठ्यक्रम में गणित का स्थान।
  • गणित की भाषा।
  • प्रभावी शिक्षण हेतु परिवेश आधारित उपयुक्त शैक्षणिक सहायक सामग्री का निर्माण एवं उसका उपयोग करने की क्षमता का विकास करना।
  • मूल्यांकन की नवीन विधियाँ, निदानात्मक परीक्षण व पुनः शिक्षण की क्षमता का विकास करना।
  • गणित शिक्षण की नवीन विधियों का कक्षा शिक्षण में उपयोग करने की क्षमता आदि।

पर्यावरण अध्ययन (Environmental Studies) – 30 प्रश्न

हमारा परिवार, हमारे मित्र

  • हमारे पेड़-पौधे, स्थानीय पेड़-पौधे, पेड़-पौधे एवं मनुष्यों की अन्तः निर्भरता, वनों की सुरक्षा और उनकी आवश्यकता और महत्त्व, पेड़-पौधों पर प्रदूषण का प्रभाव।
  • हमारे प्राकृतिक संसाधन- प्रमुख प्राकृतिक संसाधन, उनका संरक्षण, ऊर्जा के पारंपरिक और नवीनीकृत एवं अनवीनीकृत स्रोत।
  • परिवार और समाज से सहसंबंध- परिवार के बड़े-बूढ़े, बीमार, किशोर, विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की देखभाल और उनके प्रति हमारी संवेदनशीलता।
  • हमारे पशु-पक्षी, हमारे पालतू पशु-पक्षी, माल वाहक पशु, हमारे आस-पास के परिवेश में जीव जंतु जानवरों पर प्रदूषण का प्रभाव आदि।

खेल और कार्य

  • खेल व्यायाम और योगासन।
  • परिवारिक उत्सव, विभिन्न मनोरंजन के साधन- किताबें, कहानियां, कठपुतली प्ले, मेला संस्कृतिक कार्यक्रम एंव दिवसों को विद्यालय में मनाया जाना।
  • विभिन्न काम धंधे, उद्योग एवं व्यवसाय आदि।

आवास

  • पशु, पक्षी और मनुष्य के विभिन्न आवास, आवास की आवश्यकता और स्वस्थ जीवन के लिए आवास की विशेषताएं।
  • स्थानीय इमारतों की सुरक्षा, सार्वजनिक संपत्ति, राष्ट्रीय धरोहर और उसकी देखभाल।
  • उत्तम आवास और उसके निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, निर्माण सामग्री की गणना करना।
  • शौचालय की स्वच्छता परिवेश की साफ-सफाई और अच्छी आदतें आदि।

हमारा भोजन और आदतें

  • भोज्य पदार्थो का स्वास्थ्य वर्धक संयोजन।विभिन्न प्रकार की आयु का भोजन और उनको ग्रहण करने का सही समय।
  • उत्तम स्वास्थ्य हेतु भोजन की स्वच्छता सुरक्षा के उपाय।
  • खाद्य संसाधनों की सुरक्षा।
  • भोजन की आवश्यकता, भोजन के घटक।
  • फल एवं सब्जियों का महत्व, पौधों के अंगो के अनुसार फल, सब्जियां आदि।

पानी और हवा प्रदूषण एवं संक्रमण

  • संक्रमित वायु एवं पानी से होने वाले रोग, उनका उपचार और बचाव अन्य संक्रामक रोग।
  • हवा, पानी, भूमि का प्रदूषण और उससे सुरक्षा, विभिन्न अपशिष्ट पदार्थ और उनका प्रबंधन, उचित निस्तारण।
  • भूकंप, बाढ़, सुखा आदि आपदाओं से सुरक्षा और बचाव के उपाय, आपदा प्रबंधन।
  • जीवन के लिए स्वच्छ पानी और स्वच्छ हवा की आवश्यकता।
  • स्थानीय मौसम, जल चक्र और जलवायु परिवर्तन में हमारी भूमिका।
  • पानी के स्रोत उसके सुरक्षित रख रखाव और संरक्षण एवं पोषण के तरीके।
  • प्राकृतिक संसाधनों का संपोषित प्रबंधन- संसाधनों का उचित दोहन, डीजल, पेट्रोल, खपत एवं संपोषण आदि।

प्राकृतिक वस्तुओं और उपज

  • मिट्टी, पानी, बीज और फसल का संबंध, जैविक – रासायनिक खाद।
  • विभिन्न फसले उनके उत्पादक क्षेत्र।
  • फसल उत्पादन के लिए आवश्यक कृषि कार्य और उपकरण आदि।

मानव निर्मित संसाधन एवं उनके क्रियाकलापों का प्रभाव

  • पॉलिथीन प्लास्टिक का उपयोग और उनका अपघटक अपमार्जक।
  • जीवाश्म ईधन के प्रयोग के प्रभाव।
  • आपदा प्रबंधन
  • वनों की कटाई और शहरीकरण, परिस्थितिक संतुलन पर प्रभाव।
  • ओजोन छय, अम्लीय वर्षा, ग्लोबल वार्मिंग, ग्रीन हाउस प्रभाव आदि के वैज्ञानिक कारण एवं निदान आदि।

अंतरिक्ष विज्ञान

  • अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का परिचय, उनके अंतरिक्ष में जीवन बिताने के अनुभव।
  • अंतरिक्ष यान, अंतरिक्ष खोज एवं भविष्यवाणियां।
  • अंतरिक्ष जीवन के वैज्ञानिक तथ्य, जीवन की संभावनाएं।

पेडागाँजिकल मुद्दे – 10 प्रश्न

  • पर्यावरण अध्ययन की अवधारणा और उसकी आवश्यकता।
  • पर्यावरण अध्ययन का महत्व, समेकित पर्यावरणीय शिक्षा।
  • सतत – व्यापक मूल्यांकन, शिक्षण के दौरान प्रश्न पूछना, मुख और लिखित अभिव्यक्ति के अवसर देना, वर्कशीट एवं एनेक्डॉटल रिकॉर्ड का प्रयोग, बच्चे की पोर्टफोलियो का विकास करना केस स्टडी और व्यक्तिगत प्रोफाइल से शिक्षण व्यवस्था।
  • पर्यावरणीय शिक्षा में शिक्षण सामग्री/ सहायक सामग्री और उसका अनुप्रयोग।
  • स्थानीय परिवेश की पर्यावरणीय समस्याएं और उनके समाधान खोजने की क्षमता का विकास।
  • पर्यावरणीय शिक्षा के सूत्र एवं दायित्व।
  • पर्यावरणीय शिक्षा का विज्ञान और सामाजिक विज्ञान से सहसंबंध।
  • अवधारणाओं के स्पष्टीकरण हेतु प्रविधियां और गतिविधियां।
  • परिवेशीय भ्रमण, प्रयोगात्मक कार्य, प्रोजेक्ट कार्य और उनका महत्व।
  • चर्चा, परिचर्चा, प्रस्तुतीकरण और समूह शिक्षण व्यवस्था से सीखना।

MP TET Syllabus in Hindi pdf Download

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कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न

MPTET परीक्षा ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों में से किन माध्यमों में सम्पन्न कराई जाएगी।

MPTET परीक्षा ऑफलाइन माध्यम के द्वारा सम्पन्न कराई जाएगी।

क्या MPTET परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे?

हाँ, MPTET परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे।

MPTET परीक्षा कुल कितने अंकों के लिए आयोजित की जाएगी?

MPTET परीक्षा कुल 150 अंको के लिए आयोजित की जाएगी।

MPTET परीक्षा में आपको कितना समय प्रदान किया जाएगा?

MPTET परीक्षा में कुल 2 घंटे 30 मिनट यानि कि 150 मिनट का समय प्रदान किया जाएगा।

क्या MPTET परीक्षा में नकारात्मक अंकन का प्रावधान है?

नहीं, MPTET परीक्षा में किसी भी प्रकार के नकारात्मक अंकन का प्रावधान नहीं है।