CTET Normalization : जानें CTET परीक्षा में कैसे होता है, नॉर्मलाईजेशन

CTET Normalization : जानें CTET परीक्षा में कैसे होता है, नॉर्मलाईजेशन

केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा – CTET हर वर्ष आयोजित की जाती है, इस परीक्षा में देशभर के लाखों विद्यार्थी भाग लेते हैं तथा सफल भी होते हैं, CTET Notification पिछले साल जारी हुआ था, और 26 दिसंबर 2022 को CTET Admit Card जारी कर दिया गया था। ऐसे में जो उम्मीदवार CTET Cut Off को प्राप्त करना चाहते हैं, वे CTET Syllabus in Hindi और CTET Exam Pattern को भलीभांति पढ़ लें।

आज हम इस लेख के जरिए CTET Normalization के बारे में बताने वाले हैं, आपको बता दें, CTET Answer Key जारी होने के बाद CTET Result जारी करने से पहले नॉर्मलाईजेशन की प्रक्रिया होती है, आज हम इसके बारे में विस्तार से जानेंगे। CTET परीक्षा से जुड़े नए अपडेट प्राप्त करने के लिए लेटेस्ट न्यूज़ वेबपेज पर विजिट करें. CTET Eligibility Criteria की सम्पूर्ण जानकरी, CTET Certificate Download कैसे करें?, एवं CTET के बाद क्या करें जानने के लिए अन्य लेख को भी पढ़ सकते हैं.

Normalization प्रक्रिया क्या है?

नॉर्मलाइजेशन शब्द को अब हर प्रतियोगी छात्र ने कई बार सुना होगा, इसकी शुरुआत सबसे पहले “Carl R. May” ने की थी और इसके बाद इसका इस्तेमाल डेटा निरीक्षण के कई कार्यों में किया जाने लगा। वर्तमान समय में Normalization का इस्तेमाल लगभग सभी सरकारी परीक्षाओं में किया जाता है। CTET Previous Year Question Papers डाउनलोड करने एवं CTET Practice Set प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें.

CTET Normalization कैसे होता है?

सीटेट परीक्षा कई शिफ्ट में ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाती है, ऐसे में हर शिफ्ट को देखते हुए कई सारे प्रश्नपत्रों के सेट तैयार किए जाते हैं। इसमें कोई प्रश्नपत्र सरल होता है तो कोई ज्यादा ही कठिन। ऐसे में नॉर्मलाइजेशन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सेटों के सभी प्रश्न पत्रों को ध्यान में रखते हुए औसत डिफिकल्टी लेवल का विश्लेषण करना है।

मान लें पहली शिफ्ट के औसत अंक 50 थे। दूसरी शिफ्ट में औसत अंक 80 थे। अब, दोनों के बीच का अंतर (80-50) 30 हो गया। अगर हम पहली शिफ्ट की औसत संख्या में अंतर जोड़ दें, तो यह 80 (50+30) होगा। यानी दोनों शिफ्ट के औसत अंक समान होंगे। यह सामान्यीकृत स्कोर (normalized score) होगा। उसी मैथेड से शिफ्ट 2 और शिफ्ट 3 का नॉर्मालाइज्ड स्कोर निकाला जाएगा।

CTET Normalization
CTET Normalization

CBSE ने नॉर्मलाईजेशन से संबंधित पिछले साल नोटिस जारी किया था, और अपने नोटिस में लिखा कि निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए, क्वेश्चन पेपर के अलग-अलग सेटों का डिफिकल्टी लेवल को देखते हुए नॉर्मलाईजेशन की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

CTET 2023 Minimum Qualifying Marks

कोई भी उम्मीदवार जो CTET परीक्षा में 60% या उससे अधिक अंक प्राप्त करेगा, उसे CTET प्रमाणपत्र प्राप्त प्रदान कर दिया जाएगा। नीचे तालिका से आप इसके बारे में ज्यादा जानकारी ले सकते हैं-

श्रेणीन्यूनतम योग्यता प्रतिशतPassing Marks
General60%150 में से 90 अंक
OBC/SC/ST55%150 में से 82.5 अंक

कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न

CTET Normalization कौन लागू करता है?

CTET नॉर्मलाईजेशन CBSE द्वारा लागू किया जाता है।

CTET का फुल फॉर्म क्या है?

CTET का फुल फॉर्म सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट होता है, इसे हिंदी में केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा कहते हैं।

क्या CTET में नेगेटिव मार्किंग होती है?

नहीं, CTET में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है।